मिशन दृष्टि


संस्थान में सन 2005 से अद्यतन 2017 तक विभिन्न महापुरुषों में प्रमुखतः ‘‘सरदार वल्लभ भाई पटेल’’ गाँध्ीजी लालवहादुर शास्त्रा की जयन्ती दिवस मनायी गयी, जिसमें उनके कार्यो, बलिदान की चर्चा कर समाज के लोगों को जागृत करने का प्रयास किया गया। संस्थान राष्ट्रीय पर्व- स्वतन्त्राता दिवस, गणतंन्त्रा दिवस एवं दो अक्टूबर को उत्साहपूर्वक निरन्तर मनाता चला आ रहा है। संस्था के उद्देश्य के अनुसार भारत रत्न लौहपुरुष सरदार बल्लभ भाई पटेल के राष्ट्रीय आदर्शो, वलिदान, त्याग, एवं ध्ैर्य का प्रचार-प्रसार का कार्य किया गया। इनके आदर्शो के अनुसार राष्ट्रीय एकता एवं अखण्डता की भावना जन-जन में जागृत करने का महत्वपूर्ण कार्य किये जाते रहे है तथा सरदार बल्लभ भाई पटेल के जयन्ती समारोह एवं अन्य महापुरुषों के जयन्ती के शुभ अवसर पर राजकीय सेवा में उत्कृष्ट कार्य करने वाले, सामाजिक सेवा में अहम भूमिका निभाने वाले, विज्ञान, कला, साहित्य एवं प्रौद्योगिकी तथा मिडिया के क्षेत्रा में उत्कृष्ट उपलब्धि् प्राप्त व्यक्तियों को प्रतीक चिन्ह, प्रशस्ति पत्रा देकर सम्मानित कर उत्साहवर्ध्न किया जाता रहा है। यह कार्य प्रतिवर्ष अनवरत रूप से संचालित है।

संस्थान का अन्य प्रमुख कार्य समाज के आर्थिक दृष्टि से पिछड़े एवं मेधवी छात्रा-छात्राओं को निःशुल्क कक्ष उपलब्ध् कराने के साथ ‘‘संघ लोक सेवा आयोग , राज्य लोक सेवा आयोग एंव न्यायिक सेवा, तथा मिडिया के क्षेत्रा में उपलब्धि् प्राप्त करने हेतु प्रोत्साहित करने के साथ आर्थिक मद्द की भी योजना है।

विशेषताएं :-
1. दिनांक 31 अक्टूबर 2011 सरदार पटेल जयन्ती के शुभ अवसर पर सरदार पटेल होमियोपैथी चिकित्सालय का नगर विधयक डा0 राधमोहन दास अग्रवाल के कर कमलों द्वारा शुभारम्भ करा कर निरन्तर निःशुल्क सेवा का कार्य जारी है।
2. दिनांक 22-11-2011 को सर्वप्रथम देश के प्रथम उपप्रधनमंत्रा भारत रत्न लौहपुरुष सरदार बल्लभ भाई पटेल के जन्म दिवस को राष्ट्रीय अखण्डता दिवस के रूप में मनाये जाने तथा उस दिवस को राजकीय अवकाश घोषित किये जाने का ज्ञापन नगर विधयक डा0 राधमोहन दास अग्रवाल के माध्यम से मा0 प्रधनमंत्रा जी भारत सरकार नई दिल्ली के सेवा में अनुरोध् पत्रा भेजा गया।
3. दिनांक 18-9-2016 को श्री नीतीश कुमार मा0 मुख्यमंत्रा बिहार सरकार को उनकी जनसेवा कार्य के लिए स्मृति चिन्ह एंव अंगवस्त्रा भेंटकर उन्हें सम्मानित किया गया।
4. श्री आर.सी.पी.सिंह ;आई.ए.एस.द्ध राज्यसभा सांसद का लौहपुरुष भारतरत्न सरदार वल्लभ भाई पटेल के 141 वीं जयन्ती समारोह के शुभ अवसर पर दिनांक 29-10-2016 को स्मृति चिन्ह व अंगवस्त्रा के साथ उन्हें उनकी उपलब्ध्यिं के लिये सम्मानित किया गया।
5. दिनांक 29-10-2016 को संस्थान परिसर कबीरमठ भेड़ियाँगढ के प्रांगण में लौहपुरुष भारत रत्न सरदार बल्लभ भाई पटेल की आदम कद प्रतिमा स्थापना का कार्य किया गया है।
6. संस्थान पर दस मेधवी विद्यार्थियों को निःशुल्क संसाध्न एवं आवासीय सुविध उपलब्ध् कराकर उनकी सहायता संस्थान द्वारा किया गया है। 7. जनपद के विभिन्न ग्रामीण अंचलों में हेल्थ एवं हाइजीन के प्रति जागरूकता रैली एवं बैठक कर लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने का कार्य निरन्तर जारी है।

संस्था का उद्देश्य


  • भारत रत्न लौह पुरूष सरदार बल्लभ भाई पटेल के राष्टींय आदर्शों का प्रचार-प्रसार ।
  • उनके आदर्शों के अनुरूप राष्टींय एकता की भावना सर्वसाधारण में जागृत करना ।
  • भारत की अखण्डता एवं सर्वभौमिकता को अक्षुण रखने के लिए स्थानीय एवं व्यापक स्तर पर सभा सम्मेलन एवं गोष्ठी का आयोजन करके जनमानस को जागरूक करना ।
  • राष्टींय एकता में योगदान हेतु पटेल समाज व अन्य पिछड़े दलित वर्ग के उत्थान का प्रयास करना तथा पुस्तकालयों, वाचनालयों की स्थापना करना ।
  • पटेल समाज एवं पिछड़े वर्ग तथा दलित वर्ग का उत्थान कर समाज के अन्य पिछड़ी जातियों के विकास हेतु प्रयास करना ।
  • दलित एवं पिछड़ा वर्ग पटेल समाज में व्याप्त कुरीतियों एवं विकृतियों जैसे दहेज प्रथा, बाल विवाह, छूआ-छूत, अशिक्षा, ऊँच-नीच, अंध विश्वास आदि की भावना को समाप्त करना ।
  • दलित एवं अन्य पिछड़ा वर्ग पटेल समाज में सबल एवं निर्बल वर्ग में एकीकरण की भावना जागृत कर उन्हें राष्टींय विकास में योगदान हेतु तैयार करना ।
  • पटेल समाज एवं दलित तथा अन्य पिछड़े वर्ग में ज्ञाप्त बेरोजगारी आदि दूर करने का प्रयास करना एवं मेधावी छात्रों को उच्च शिक्षा हेतु उनकी संभावित मदद करना ।
  • विवाह आदि अन्य संस्कारों के अवसर पर मितव्यता हेतु इस संस्था द्वारा विवाह आदि संस्कारों को सम्पन्न कराना ।
  • पटेल समाज व पिछड़े वर्ग में शिक्षा का प्रचार प्रसार करने के लिए पत्रा-पत्रिकाओं को प्रकाशन करना, शिक्षा संस्थाओं विशेषतया मुख्य रूप से स्त्रा जाति के शिक्षा के लिए बालिका विद्यालयों और उनके छात्रावासों की स्थापना एवं संचालन करना ।
  • ऐसे सभी कार्य करना जिससे दलितों पिछड़ों एवं उपेक्षित समाज का उत्थान हो और राष्टींय एकता सुदृढ़ हो ।
  • निर्धन एवं मेधावी छात्रा-छात्राओं को छात्रावृति प्रदान करना ।
  • निर्धन एवं विकलांग व्यक्तियों की आर्थिक सहायता प्रदान करना ।
  • गैर राजनीतिक धार्मिक संस्थाओं को आर्थिक सहायता प्रदान करना ।
  • पुस्तकालयों एवं वाचनालयों की स्थापना करके उनमें विज्ञान कला साहित्य, प्रद्यौगिकी एवं अन्य विषयों के उपयोगी पुस्तकों का संचयन करना